Friday, 6 June 2014

श्याम बंसी ना बुल्लां उत्ते रख अड़ेया ।

श्याम बंसी ना बुल्लां उत्ते रख अड़ेया ।

तेरी बंसी पवाडे पाए लख अड़ेया ।
तेरी बंसी तो वारे वारे लख अड़ेया ॥

बंसी तेरी विच भरेआ ए जादू,
साडा दिल नहिओ रेहेंदा काबू ।
भैडे लोकीं करंगे शक्क अड़ेया,
तेरी बंसी पवाडे पाए लख अड़ेया ॥

सानु भूल गया कम संसार दा,
दिल प्यासा मेरा श्याम तेरे प्यार दा ।
साडी लड़ गयी ए तेरे नाल अक्ख अड़ेया,
तेरी बंसी पवाडे पाए लख अड़ेया ॥

श्याम बंसी विच तेरी जिन्द जान वे,
ताहिओ भुल्दी ना इसदी पहचान वे ।
तेरी बंसी ने घरो किता वक्ख अड़ेया,
तेरी बंसी पवाडे पाए लख अड़ेया ॥

बंसी तेरी विच प्यार दा सन्देश वे,
गोपिया दे दिला उते भरदी आवेश वे ।
पल्ले छोड़ा ना बंसी ने कख अड़ेया,
तेरी बंसी पवाडे पाए लख अड़ेया ॥
                         










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